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लिखित जवाब के लिए नियम-शर्तें

● लिखित जवाब माँगने के लिए पहले सेशन बुक करके अपने मसले पर बातचीत करना ज़रूरी है। अगर आप पहले ही बातचीत कर चुके हैं तो इस सूचना को नज़रअंदाज़ कर दें।

 ● आपकी तरफ़ से पहले सेशन बुक हो जाने के बाद, जब हम आपके मसले पर पूरी बातचीत कर लेंगे तो लिखित जवाब की फ़ीस अदा करने का लिंक आपको फ़ौरन मुहैया करा दिया जाएगा।

 ● लिखित जवाब की फ़ीस हर मसले पर ($18) है, अगर मसाइल ज़्यादा होंगे तो इसी मुताबिक़ फ़ीस की रक़म भी ज़्यादा होगी।

● लिखित जवाब की दरख़्वास्त सेशन में बातचीत के बाद एक हफ़्ते के अंदर करनी होगी। वरना लिखित जवाब माँगने के लिए नया सेशन बुक करना पड़ेगा।

● लिखित जवाब माँगने के लिए अपने नाम के साथ सवाल लिखित तौर पर जमा करना ज़रूरी है।

● जवाब सिर्फ़ पेश किए गए सवाल के मवाद पर मबनी होगा। बातचीत में ज़िक्र की गई मगर सवाल में शामिल न की गई मालूमात पर ग़ौर नहीं किया जाएगा।

● लिखित सवाल में कोई ऐसा इज़ाफ़ी मसला शामिल न करें जो बातचीत के दौरान ज़ैर-ए-बहस न आया हो।

●अगर आपको लगता है कि कोई मज़ीद मसला हल-तलब है तो दोबारा फ़ीस अदा करके नया सेशन बुक करें, फिर दोबारा बातचीत करें उसके बाद नया सवाल भेजें।

● लिखित जवाब अदा की गई फ़ीस की तारीख़ से २ से ७ दिनों में मुहैया किया जाएगा। अगर सवाल इंतिहाई पेचीदा हो तो मज़ीद दिन भी लग सकते हैं।

● हमारा जवाब सवाल में मुहैया की गई मालूमात पर मबनी होगा। अगर मुहैया की गई मालूमात ग़लत हों तो इसकी ज़िम्मेदारी हम पर नहीं होगी।

● लिखित जवाब में हम वही लिखेंगे जो क़ुरआन व हदीस के मुताबिक़ दुरुस्त समझते हैं। किसी की दरख़्वास्त पर इसमें कुछ इज़ाफ़ा नहीं किया जा सकता।

● हम फ़रीक़-ए-सानी से मसले के बारे में राबता नहीं करते क्योंकि हमारा जवाब सिर्फ़ मुहैया की गई मालूमात की बुनियाद पर अपना नुक़्ता-ए-नज़र है, फ़रीक़ैन के लिए कोई क़ाबिल-ए-नाफ़िज़ क़ानूनी फ़ैसला नहीं।

● अगर हमारे जवाब का ग़लत इस्तेमाल किया जाए या इससे किसी क़िस्म का तनाज़ु पैदा हो तो इसकी ज़िम्मेदारी हम पर नहीं होगी, क्योंकि हमने सिर्फ़ दरख़्वास्त पर अपनी राय का इज़हार किया है, कोई क़ाबिल-ए-नाफ़िज़ क़ानूनी फ़ैसला नहीं किया।

● लिखित जवाब किफायतुल्लाह सनभली के लेटर हेड पर होगा और आख़िर में किफायतुल्लाह सनभली के दस्तख़त और मुहर मौजूद होगी।

● बुनियादी लिखित जवाब उर्दू ज़बान में होगा। अगर आप इसे किसी दूसरी ज़बान में लेटर हेड, दस्तख़त और मुहर के साथ तरजुमा करवा के चाहते हैं तो इज़ाफ़ी ($18) अदा करने होंगे।

लिखित जवाब साइल को ईमेल या व्हाट्सएप के ज़रिए पीडीएफ़ फ़ॉर्मेट में भेजा जाएगा।

जवाब पर वज़ाहत १२ घंटों के अंदर माँगी जा सकती है। इसके बाद मज़ीद बातचीत के लिए सेशन और लिखित जवाब दोनों की फ़ीस दोबारा अदा करनी पड़ेगी।

● सेशन में बातचीत के बाद हमें लगे कि आपके मामले पर लिखित जवाब देना हमारे लिए संभव नहीं है, तो ऐसी स्थिति में हम लिखित जवाब की अलग फीस नहीं लेंगे।
लेकिन सेशन की फीस वापस नहीं होगी, क्योंकि यह सिर्फ सलाह (कंसल्टेशन) की फीस है जो पूरी तरह से फाइनल और वापस न होने वाली (नॉन-रिफंडेबल) होती है, जैसा कि सेशन के नियमों में साफ-साफ लिखा हुआ है।

लिखित जवाब के आखिरी पेज का नमूना
(प्राइवेसी के लिए पेज को ब्लर कर दिया गया है)

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